Thursday, 5 July 2018

सोतो को भगवान जगाने आया है इसलिए भगवान ने कहा जागते रहो

(सोतो को भगवान जगाने आया है इसलिए भगवान ने कहा जागते रहो |)

1. स्वयं से प्रश्न करे कि हम इस दुनिया में क्यों आये है आखिर हमारा उद्देश्य क्या है अपने आप को जगाने का प्रयास करे और इन प्रश्नों पर विचार करे जागे तो ऐसे कि अखे बंद होते भी आपका मन सदैव जागते रहे | ताकि कोई चोर आप की खुशियाली प्रसन्नता  उन्नति को कोई चुरा न ले जाए
2.जिसने अपने भाग्य की कलम दूसरे के हाँथ में देदी वही सोता है |
3. जो व्यर्थ की इच्छाओं और आकांक्षाओ में फस रहता है वही सोता है |
4. जो स्वयं की मान सम्मान की कामना वास कोई कार्य करता है वही सोता है |
5. जो खुद की पहचान भूल दूसरो की पहचान के पीछे भागता है , वही सोता है
6.जो दूसरे की कमी कमजोरियों की और बुराइयों को देखने में अपना समय गवाते है वही सोता है
7.जो दूसरो की उन्नति देख इर्ष्या वश उसकी आलोचना में लगा रहता है वही सोता है
8. जो मियां मिट्ठू बनता है खुद ही खुद की बुद्धिमता की तारीफ करते नहीं भागता, वही सोता है
9. जो अपने जीवन में कोई योजना या कोई लक्ष्य लेकर नहीं चलता यदि वो नहीं जानता है कि उसे क्या करना है वही सोता है |
10.इसी तरह सोते रहेंगे तो यह समय लौट कर नहीं आएगा
11.इस निद्रा से जागे और स्वयं से प्रश्न करो कि 24 घंटे में कितना समय आत्मा चिंतन में व्यतीत करते है |
12.कितना समय दूसरो की निःस्वार्थ सेवा में व्यतीत करते है  |
13.कितना समय अपने परमात्मा को याद करते है
14.भूत और भविष्य की चिंता छोड़ वर्तमान को सफल करते है |
15.समय रहते उसका सदउपयोग कर लो नहीं तो हाथ मलते रहना होगा |


नोट – 1. भगवान मुर्दे को जिन्दा कैसे करते है लोग कहते कि भगवान मुर्दे को भी जिन्दा करते लेकिन कैसे करते है यह नहीं जानते 

2.अभी ख़ुशी है कि बाप ने हमें जलती हुई चिता से उठा कर हमें अमर बना दिया |
3.पवित्र ब्राह्मण जीवन का वरदान है पवित्र संकल्प ब्राह्मण जीवन की बुद्धि का भोजन है पवित्र द्रष्टि ब्राह्मण जीवन की रोशनी है | पवित्र कर्म ब्राह्मण जीवन का धंधा है
4. पवित्र सम्बन्ध और सम्पूर्ण ब्राह्मण जीवन की मर्यादा है |
5. पवित्रता के आधार से आदि ब्रह्मा ने आदि देव आदि प्रिंश बने |
6.आत्मा तत्व को जानना और परमात्म तत्व को पहचानना यही ज्ञान है इसके विपरीत सब अज्ञान है |
7. सांसारिक ज्ञान से बाहरी सुख मिलता है आधात्मिक ज्ञान से आंतरिक सुख मिलता है इससे जीवन मूल्यवान बन जाता है
8. गुणों के आधार से आत्मा को उंच नीच जन्म मिलता है | दुनिया कब बदलती है इस बात को कोई नहीं जानता है | किसी की निंदा करते हो तो उसके कर्मो का भोग आप को भोगना पड़ेगा
9. विपरीत समय आने पर धैर्य कभी नहीं छोड़ना चाहिए

मुख्यालय – प्रजापिता ब्रह्मा कुमरिज ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउन्ट आबू, राजस्थान भारत


                    
                                                    बी० के० रामपाल 


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